
परिषद के बारे में
राष्ट्रीय सिंधी भाषा संवर्धन परिषद
राष्ट्रीय सिंधी भाषा संवर्धन परिषद (NCPSL) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग के अंतर्गत 26 मई, 1994 को स्थापित एक स्वायत्त निकाय है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। परिषद देश भर में सिंधी भाषा और साहित्य के संरक्षण, विकास एवं संवर्धन के लिए समर्पित है।
उद्देश्य
एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना, जिसमें भारत में प्रत्येक सिंधी भाषी व्यक्ति को, वह चाहे कहीं भी रहता हो, अपनी भाषा को गर्व के साथ सीखने, उसका उपयोग करने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर मिले।
कार्य
विश्वविद्यालयों और राज्य सरकारों के सहयोग से संचालित छात्रवृत्तियों, शैक्षणिक पीठों और अनुदानों के माध्यम से सिंधी भाषा में शिक्षण, अनुसंधान, प्रकाशन और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।
आज का शब्द
गणमान्य व्यक्ति
श्री प्रल्हाद जोशी
प्रो. हितेंद्र कुमार मिश्रा
हम क्या प्रदान करते हैं
योजनाएँ एवं कार्यक्रम
पुरस्कार – लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड एवं सिंधी साहित्यिक पुरस्कार
और जानेंथोक खरीद योजना – सिंधी भाषा की पुस्तकें / पत्रिकाएं एवं ई-कंटेंट
और जानेंसिंधी भाषा अधिगम पाठ्यक्रम योजना
सिंधी भाषा सीखने के पाठ्यक्रम (सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा), प्रत्येक 100 घंटे का, देशभर में NCPSL से पंजीकृत संस्थाओं द्वारा चलाए जाते हैं। पाठ्यपुस्तकें निःशुल्क हैं और NCPSL वर्ष में दो बार, जून और दिसंबर में परीक्षा आयोजित करती है।
और जानेंस्वैच्छिक संगठनों को सिंधी भाषा से संबंधित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों हेतु वित्तीय सहायता
और जानेंसूचित रहें
समाचार एवं कार्यक्रम
नवीनतम समाचार
सभी देखें ›आगामी कार्यक्रम
सभी देखें ›संसाधन
प्रकाशन एवं डिजिटल संसाधन
Facebook Feeds
View All ›Youtube Feeds
View All ›त्वरित पहुँच
महत्वपूर्ण लिंक
योजनाओं की अंतिम तिथियों की जानकारी सीधे अपने ईमेल पर पाएँ
छात्रवृत्तियों, निविदाओं और कार्यक्रमों से संबंधित संक्षिप्त मासिक जानकारी प्राप्त करें। कोई अनावश्यक ईमेल नहीं—आप किसी भी समय सदस्यता समाप्त कर सकते हैं।







